Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar

Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar

Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar Noha ek aisi adabi aur jazbaati riwayat hai jo Islam ki azadari ka aham hissa hai. Iska m...

Tuesday, December 7, 2021

abbas kate hantho ka

 


अब्बास कटे हाथों का ऐजाज़ दिखा दो 

दिन मेरे पलट दो मेरी तक़दीर बना दो


मै बेकसो मजबूर हूं नाचार हूं आक़ा

मुफ़लिस हूं तह ए दश्त हूं नादर हूं आक़ा

आलम ओ मसायब में गिरफ़्तार हूं अाक़ा

इस वास्ते नुसरत का तलबगार हूं आक़ा


अब्बास कटे हाथों का ऐजाज़ दिखा दो 

दिन मेरे पलट दो मेरी तक़दीर बना दो



मुश्किल में ग़रीबों के मददगार तुम्ही हो

हर बेकसो बेयार के ग़म ख़्वार तुम्ही हो

फरज़ाद ए यदुल्लाह हो मुख़्तार तुम्ही हो

फौजे शहे बेकस के अलमदार तुम्ही हो।


अब्बास कटे हाथों का ऐजाज़ दिखा दो 

दिन मेरे पलट दो मेरी तक़दीर बना दो


अल्लाह ने बख़्शा है तुम्हें रुतबा ए आली

मोहताज के दाता हो तो बेकस के हो वाली

तुम बबुल हवाएज हो ज़माना है सवाली

मैं भी हूं गदा और मेरा दमन भी ख़ाली।


अब्बास कटे हाथों का ऐजाज़ दिखा दो 

दिन मेरे पलट दो मेरी तक़दीर बना दो



ऐ नासिरे दीं सरवरे मज़लूम का सदक़ा

ऐ हमीए दीं ज़ैनबो कुलसूम का सदक़ा

बेशीर के सुखे हुए हुलक़ूम का सदक़ा

सज्जाद का और बाक़रे मासूम का सदका

    

अब्बास कटे हाथों का ऐजाज़ दिखा दो 

दिन मेरे पलट दो मेरी तक़दीर बना दो


हर सिम्त से है मुझपे मुसीबत की चढ़ाई

अपने ग़मो आलाम हैं खुशियां है पराई

हर राहते दुनिया ने नज़र मुझसे फिराई

दिल देता है रो रो के सकीना की दुहाई


अब्बास कटे हाथों का ऐजाज़ दिखा दो 

दिन मेरे पलट दो मेरी तक़दीर बना दो


आक़ा शहे मज़लूम की तौक़ीर की सदक़ा

बेचारगी ए ज़ैनबे दिलगीर का सदक़ा

दरबार में गूंजी हुई तक़रीर का सदक़ा

बीमार से लिपटी हुई ज़ंजीर का सदक़ा

    

अब्बास कटे हाथों का ऐजाज़ दिखा दो 

दिन मेरे पलट दो मेरी तक़दीर बना दो



जिंदां में तड़पती हुई बच्ची का तसद्दुक़

बिन्ते शहे बेकस की यतीमी का तसद्दुक़

तुम जिसके हो सक़्क़ा उसी प्यासी का तसद्दुक़

हो मुझपे करम अब तो भतीजी का तसद्दुक़


अब्बास कटे हाथों का ऐजाज़ दिखा दो 

दिन मेरे पलट दो मेरी तक़दीर बना दो


सक्काए हरम शामे ग़रीबां का तसद्दुक़

बे गोरो कफ़न शाहे शाहीदां का तसद्दुक़

नामूस के गेसू ए परीशां का तसद्दुक़,

सैदानियों के चेहराए उरियां का तसद्दुक़




अब्बास कटे हाथों का ऐजाज़ दिखा दो 

दिन मेरे पलट दो मेरी तक़दीर बना दो


आक़ा ये ग़ुलाम अपना किसे हाल सुनाए

कौन ऐसा है टूटा हुआ दिल जिसको दिखाए

अपने भी नज़र आने लगे अब तो पराए

है कौन तुम्हारे सिवा बिगड़ी जो बनाए

    

अब्बास कटे हाथों का ऐजाज़ दिखा दो 

दिन मेरे पलट दो मेरी तक़दीर बना दो