Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar

Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar

Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar Noha ek aisi adabi aur jazbaati riwayat hai jo Islam ki azadari ka aham hissa hai. Iska m...

Thursday, March 12, 2026

Aamal e shabe qadr


आमाल शब-ए-क़द्र

शब 19 / 21 / 23 रमज़ानुल मुबारक

  1. इन शबों में ग़ुस्ल करना सुन्नत मुस्तहब है।
  2. दो रकअत नमाज़ शब-ए-क़द्र की नियत से पढ़ें। हर रकअत में सूरह हम्द के बाद 7 मर्तबा सूरह कुल हुवल्लाहु अहद पढ़ें। नमाज़ के बाद 70 मर्तबा पढ़ें:
    अस्तग़फिरुल्लाह व अतूबु इलैह
  3. क़ुरआन को अपने सामने रखकर यह दुआ पढ़ें:

    अल्लाहुम्मा इन्नी असअलुका बेकिताबिकल मुनज़ले, वमा फीहे, व फीहिस्मुकल अकबर, व अस्माउकल हुस्ना, व मा युख़ाफो व युरजा, अन तजअलनी मिन उतकाइका मिनन नार

    इसके बाद अपनी हाजत तलब करें।
  4. क़ुरआन को सर पर रखकर यह पढ़ें:

    अल्लाहुम्मा बेहक़्क़े हाज़ल क़ुरआने व बेहक़्के मन अरसल्तहू बिही व बेहक़्के कुल्ले मोमिनिन मदहतहू फीहे व बेहक़्के का अलैहिम फला अहदा आरफू बेहक़्के का मिंनका

    हर एक का नाम 10 मर्तबा पढें

    1. बेका या अल्लाहो
    2. बि मुहम्मदिन
    3. बि अलीय्यिन
    4. बि फातिमता
    5. बिल हसने
    6. बिल हुसैने
    7. बे अली इबनिल हुसैन
    8. बे मुहम्मद इब्ने अली
    9. बे जाफर इब्ने मुहम्मद
    10. बे मूसा इब्ने जाफर
    11. बे अली इब्ने मूसा
    12. बे मुहम्मद इब्ने अली
    13. बे अली इब्ने मुहम्मद
    14. बिल हसन इब्ने अली
    15. बिल हुज्जतुल क़ायमे अलै0

    इसके बाद अपनी हाजत तलब करें।
  5. ज़ियारत-ए-इमाम हुसैन पढ़ें।
  6. दो रकअत नमाज़ ज़ियारत-ए-इमाम हुसैन की नियत से पढ़ें।
  7. शब भर जितनी नमाज़ पढ़ सकें पढ़ें। बेहतर है 100 रकअत नमाज़ पढ़ी जाए।
  8. इन शबों में दुआएं, तस्बीह और दरूद शरीफ पढ़ने की बहुत फ़ज़ीलत है।

 ज़ियारतें पढ़ने के लिए 👉यहां क्लिक करें 

19वीं शब के मख़सूस आमाल

100 मर्तबा पढ़ें: अस्तग़फिरुल्लाह रब्बी व अतूबु इलैह

100 मर्तबा पढ़ें: अल्लाहुम्मा अलअन क़तलत अमीरुल मोमिनीन

Monday, March 9, 2026

मुल्जिम ने आज कैसी मुसीबत ये ढाई है

🤲 ANJUMAN-E-ZULFEQARE HAIDERI-MAHOLI

🕊️ मुल्जिम ने आज कैसी मुसीबत ये ढाई है 🕊️

दीन-ए-रसूल-ए-पाक की शम्मा बुझाई है 


मस्जिद में हाय तू ने नमाज़ी को मारकर 
दुनिया में किस तरह की मुसीबत मचाई है
दीन-ए-रसूल-ए-पाक.....
मुल्जिम ने .......
कूफे की हर गली में यही शोर-ओ-शैन है 
ज़ालिम ने आज ज़र्ब अली पे लगाई है
दीन-ए-रसूल-ए-पाक.....
मुल्जिम ने .......
ज़ख्मी पदर को देख कर हसनैन रो पड़े 
ज़ैनब पुकारे ऐ मेरे नाना दुहाई है
दीन-ए-रसूल-ए-पाक.....
मुल्जिम ने .......
आई सदा-ए-ग़ैब के मौला हुए शहीद 
हर सम्त मोमिनों पे उदासी सी छाई है
दीन-ए-रसूल-ए-पाक.....
मुल्जिम ने .......
कूफे के सब यतीम तड़पते हैं ख़ाक पर 
बाद-ए-सबा ने कैसी सुनानी सुनाई है
दीन-ए-रसूल-ए-पाक.....
मुल्जिम ने .......
लरज़ी ज़मीं हुसैन के आह-ओ-फुगां के बाद 
ज़ालिम ये तू ने कैसी क़यामत मचाई है
दीन-ए-रसूल-ए-पाक.....
मुल्जिम ने .......
ख़ून-ए-अली को देख के रोती है काएनात 
सजदे में रोज़ेदार ने तलवार खाई है
दीन-ए-रसूल-ए-पाक.....
मुल्जिम ने .......
बच्चों के बैन सुन के मलायक भी रो पड़े 
रोया खुदा-ए-पाक तो रोई खुदाई है
दीन-ए-रसूल-ए-पाक.....
मुल्जिम ने .......

रोता क़लम है मेरा मनाज़िर मैं क्या लिखूं 
सक़्लैन के वली पे जो ज़र्बत लगाई है
दीन-ए-रसूल-ए-पाक.....
मुल्जिम ने .......

Muljim ney aaj kaisi museebat ye dhaayi hai

🤲 ANJUMAN-E-ZULFEQARE HAIDERI-MAHOLI

हिन्दी में पढ़ने के लिए 👉यहां क्लिक करें

🕊️ Muljim ney aaj kaisi museebat ye dhaayi hai 🕊️

Deen e rasool e paak ki shamma bujhaayi hai 



masjid mey haaye tuu ney namaazi ko maarkar 
Dunya mey kis tarah ki museebat machaayi hai

Deen e rasool e paak.....
Muljim ney .......

koofey ki har galii mey yehi shor o shain hai 
Zalim ney aaj zarb ali pey lagaayi hai

Deen e rasool e paak.....
Muljim ney .......

zaqmii padar ko dekh kar hasnain ropadey 
Zainab pukaari aye merey Nana duhaayi hai

Deen e rasool e paak.....
Muljim ney .......

aayi sadaa e gaib ke maula huwey shaheed 
Har samt momino pey udaasii si chaayi hai

Deen e rasool e paak.....
Muljim ney .......

koofey ke sab yateem tadaptey hai qaak par 
Baad e Sabaa ney kaisi sunaani sunaayi hai 

Deen e rasool e paak.....
Muljim ney .......

larzii zamee Husain ke aaho fugaa ke baad 
Zaalim ye tuu ney kaisi qayaamat machaayi hai 

Deen e rasool e paak.....
Muljim ney .......

Khon e ali ko dekh key rotii hai kaayenaat 
Sajdey mey rozedaar ney talwaar khaayi hai

Deen e rasool e paak.....
Muljim ney .......

Bacho ke bain sunkey malaayak bhi ro padey  
Roya qudaa e paak to royii qudaayi hai
Deen e rasool e paak.....
Muljim ney .......

Rota qalam hai mera manaazir my kya likhu 
Saqlain ke walii pey Jo zarbat lagaayi hai
Deen e rasool e paak.....
Muljim ney .......