Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar

Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar

Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar Noha ek aisi adabi aur jazbaati riwayat hai jo Islam ki azadari ka aham hissa hai. Iska m...

Saturday, August 2, 2025

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर

🤲 ANJUMAN-E-ZULFEQARE HAIDERI-MAHOLI

🕊️ बशीर गूंजेगी आवाज़े ग़म मदीने में🕊️

उजड़ के आये हैं अहले हरम मदीने में
पुकारी ज़ैनबे मुज़तर दुहाई है नाना
के रोके भाई को लौटे हैं हम मदीने में


ये बैन हज़रते कुलसुम ने किये रोकर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर

लूटा के आये हैं जंगल में हम रसूल का घर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


ख़िज़ा की ज़द से वो बानो का फूल बच ना सका

सितमगरो से शबीहे रसूल बच न सका

हम आ रहे हैं तेरी सारी रौनक़े खोकर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


ये बैन हज़रते कुलसुम ने किये रोकर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


हजूमे करबोबला में उजड़ चुकी मायें

कि नौनिहालो से अपने बिछड़ चुकी मायें

पलट के आया न रन से किसी का नूरे नज़र

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


ये बैन हज़रते कुलसुम ने किये रोकर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


ना तुम ही रोओ ना हमको रुलाओ ऐ सुग़रा

ये गहवारा ये बिस्तार ना लाओ ऐ सुग़रा

कि खा के तीरे सितम सो गया अली असग़र

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


ये बैन हज़रते कुलसुम ने किये रोकर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


अजीब हश्र था खैमे तमाम जलते थे

तड़प-तड़प के घरों से जो हम निकलते थे

तो देख-देख के हंसते थे हमको बनिये शर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


ये बैन हज़रते कुलसुम ने किये रोकर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


वो रंजो यस वो दर्दो आलम वो दर्दो ता'आब

ज़ायीफ़ा हो गई इक दिन में ग़मज़दा ज़ैनब

सफेद हो गए सब बाल झुक गई है कमर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


ये बैन हज़रते कुलसुम ने किये रोकर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


रिदायें छीनी गई सर से घर जलया गया

असीर करके हमे दर बदर फिराया गया

किसी ने ये ना कहा हम हैं आले पैग़म्बर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


ये बैन हज़रते कुलसुम ने किये रोकर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


तमाम क़ैद के ग़म अपने दिल पे सहती रही

मगर लबों पे मदीना मदीना कहती रही

सकीना तोड़ गई दम अंधेरों में घुटकर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


ये बैन हज़रते कुलसुम ने किये रोकर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


ये बारे ज़ीस्त उठाने से फ़ायदा क्या है

हमारे आने ना आने से फ़ायदा क्या है

बुलंद हो चुका नेज़ पे जब हुसैन का सर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


ये बैन हज़रते कुलसुम ने किये रोकर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


मगर ग़मों की कहानी सुनाने आये हैं

केटे सरों की सुनानी सुनाने आये हैं

जो साथ लाए हैं अम्मांमा शह का ख़ून में तर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


ये बैन हज़रते कुलसुम ने किये रोकर

हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर



अजीब हश्र बपा हैं कलेजे हिलते हैं
वतन के लोग जो बिछड़े हुओं से मिलते हैं
कि हो गया है मदीना गुज़र बाला नैय्यर
हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर


ये बैन हज़रते कुलसुम ने किये रोकर
हमारे जद के मदीने हमें क़ुबूल ना कर