Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar

Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar

Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar Noha ek aisi adabi aur jazbaati riwayat hai jo Islam ki azadari ka aham hissa hai. Iska m...

Sunday, October 4, 2020

ro ke kahti thi





रोके कहती थी ये मादर ऐ सकीना घर चलो

चैन आए मुझको क्योंकर ऐ सकीना घर चलो 


जब चली थी मैं मदीने से तो थी गोदी भरी

अब नहीं गोदी में असग़र ऐ सकीना घर चलो


मांग भी उजड़ी है मेरी गोद भी ख़ाली हुई

अब न क़ासिम हैं ना अकबर ऐ सकीना घर चलो


पर्दा बालों से किया था शाम के दरबार में

मिल चुकी है हम को चादर ऐ सकीना घर चलो


तुम कहा करती थीं अम्मा कब वतन जाएंगे हम

अब वतन जाती हूँ छुटकर ऐ सकीना घर चलो


वो अंधेरी क़ब्र और वो क़ैदख़ाना शाम का

नींद आए तुमको क्योंकर ऐ सकीना घर चलो


ये बता दो जान मेरी पूछे गर सुग़रा तुम्हे

क्या बताऊं उसको जाकर ऐ सकीना घर चलो


तुम अकेली हो यहां बाबा का सीना भी नही

छोड़कर जाऊं मैं किस पर ऐ सकीना घर चलो


बैन से बानो के ज़ामिन क़ैद ख़ाना हिल गया

जब कहा मादर ने रोकर ऐ सकीना घर चलो