बाबा कैसे कहूं आपको अलविदा
अलविदा अलविदा अलविदा अलविदा
छोड़ कर मुझको किस पर चले बाबा जां
कैसे रह पाऊँगी मैं अकेले यहां
दिल नहीं लग रहा है ज़रा भी मेरा
बाबा कैसे कहूं आपको अलविदा
अलविदा अलविदा अलविदा अलविदा
कर्बला जाते हैं सब ही अहलो अयां
क्यों नहीं मुझको ले चलते हैं बाबा जां
हो गयी ऐसी बीमार से क्या ख़ता
बाबा केसे कहूं आप को अलविदा
अलविदा अलविदा अलविदा अलविदा
चाचा अब्बास और औनो जाफ़र चले
मुझसे होकर ख़फा भय्या अकबर चले
कैसे दिल को क़रार आये मेरे भला
बाबा कैसे कहूं आपको अलविदा
अलविदा अलविदा अलविदा अलविदा
चन्द दिन में जहां से गुज़र जाऊँगी
आप के जाते ही बाबा मर जाऊँगी
कैसे मरक़द बनेगा यहां पर मेरा
बाबा कैसे कहूं आपको अलविदा
अलविदा अलविदा अलविदा अलविदा
जब मै देखूंगी उजड़ा हुआ सारा घर
रोते रोते कटेंगे ये शामो सहर
मर्ज़ बढ़ता ही जायेगा हर दम मेरा
बाबा कैसे कहूं आपको अलविदा
अलविदा अलविदा अलविदा अलविदा
बोली सुग़रा चले जाइय्ये बाबा जां
पास मेरे रहेगा मेरा भाई जां
इससे बहला करेगा यहां दिल मेरा
बाबा कैसे कहूं आपको अलविदा
अलविदा अलविदा अलविदा अलविदा
बोले शह बेटी बाबा तेरा क्या करे
मर्ज़िए रब है असग़र भी करबल चले
बोली सुग़रा कि हाए मुक़द्दर मेरा
बाबा कैसे कहूं आपको अलविदा
अलविदा अलविदा अलविदा अलविदा
सुनके बेटी की फ़रियाद शाहे हुदा
इतना रोये कि दामन भी तर हो गया
कहते थे सब्र लाज़िम है ऐ महलका
बाबा कैसे कहूं आपको अलविदा
अलविदा अलविदा अलविदा अलविदा
सूना सूना दयारे मदीना हुआ
क़ाफ़ेला जानिबे करबला को चला
रह गयी सुग़रा पढ़ती यही मर्सिया
बाबा कैसे कहूं आपको अलविदा
अलविदा अलविदा अलविदा अलविदा