Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar

Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar

Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar Noha ek aisi adabi aur jazbaati riwayat hai jo Islam ki azadari ka aham hissa hai. Iska m...

Thursday, December 4, 2025

कहां ले चली मौत दूल्हा बना के

🤲 ANJUMAN-E-ZULFEQARE HAIDERI-MAHOLI

🕊️ मेरे लाल को नौजवानी में आ के कहां ले चली मौत दूल्हा बना के 🕊️

बताऊंगी क्या अब मैं सुग़रा को जा के
कहां ले चली मौत दूल्हा बना के


नज़र वक़्त ने ऐसी ग़ुर्बत में मोड़ी
कलेजे में बरछी सितमगर ने तोड़ी
कोई आरज़ू मां की ज़िंदा न छोड़ी
अजब फूल ज़ख़्मों के तन पर खिला के
कहां ले चली मौत दूल्हा बना के

जवां था पिसर जामा सिलने के दिन थे
ये सेहरे के फूलों के खिलने दिन थे
कहां मौत तुझसे ये मिलने के दिन थे
हिना गोरे हाथों में ख़ून की रचा के
कहां ले चली मौत दूल्हा बना के

बड़ी ही मुरादों से पाला था मां ने
दुआओं का तावीज़ डाला था मां ने
गया था तो सदक़ा निकाला था मां ने
नज़र मेरे नूर-ए-नज़र को लगा के
कहां ले चली मौत दूल्हा बना के

तरस कुछ तो मक़तल में अकबर पे खाती
वो रहता सलामत मुझे मौत आती
अजल इससे पहले मुझे लेके जाती
ज़ईफ़ी में मादर के दिल को दुखा के
कहां ले चली मौत दूल्हा बना के

पिदर का सहारा था ये मेरा यूसुफ़
भरे घर का प्यारा था ये मेरा यूसुफ़
फुफी का दुलारा था ये मेरा यूसुफ़
मेरे महलक़ा को सभी से छुड़ा के
कहां ले चली मौत दूल्हा बना के

चलूंगी मैं अब किसके बाज़ू पकड़ के
भला किसकी दुनिया बसी है उजड़ के
जियूंगी मैं अकबर से कैसे बिछड़ के
मेरी हसरतों का जनाज़ा उठा के
कहां ले चली मौत दूल्हा बना के


मिले दिल को क्या चैन बे-चैन मां के
बहाते है दिल का लहू नैन मां के
जनाज़े पे अख़्तर है ये बैन मां के
बता दे बियाबां में कर्बोबला के
कहां ले चली मौत दूल्हा बना के