Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar

Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar

Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar Noha ek aisi adabi aur jazbaati riwayat hai jo Islam ki azadari ka aham hissa hai. Iska m...

Monday, August 25, 2025

दरे ज़िन्दान पर कोई मासूमा

🤲 ANJUMAN-E-ZULFEQARE HAIDERI-MAHOLI

🕊️ दरे ज़िन्दान पर कोई मासूमा 🕊️

पढ़ा करती है ये रोकर नौहा..


बाबा बाबा बाबा बाबा.. ×2

बहुत डर मुझको यहां लगता है
बहुत तन्हा हूं चले आओ ना

बाबा बाबा बाबा बाबा.. ×2

ख़ुद आके देख लो बाबा मेरी हालत
नहीं पहचान पाओगे मेरी सूरत ×2
सहे बचपन में मसायब इतने
ज़ईफ़ा दिखने लगी ये दुखिया..

बाबा बाबा बाबा बाबा.. ×2

बड़ा दुश्वार है इस क़ैद में जीना
बहुत याद आ रहा है आप का सीना ×2
गए हो जबसे नहीं सोई मैं
सुकून से अब तक कभी एक लम्हा

बाबा बाबा बाबा बाबा.. ×2

मुझे फिर क़ब्र में लगने लगा है डर
निकाला था जिन्होंने लाशा-ए-असग़र ×2
वो ज़ालिम फिर से पलट आए हैं
फुफी और मैं हूं यहां पर तन्हा..

बाबा बाबा बाबा बाबा.. ×2

मैं रोऊं लेके कब तक सिसकियां बाबा
बहुत दुखती हैं मेरी पसलियां बाबा ×2
सकीना इस दम है किस हालत में
फ़क़त समझेंगी ये दादी ज़हरा

बाबा बाबा बाबा बाबा.. ×2

नज़र आता नहीं आंखों को मलती हूं
सहारा लेकर दीवारों का चलती हूं ×2
पकड़ कर ज़ुल्फ़ें मुझे ज़ालिम ने
ना जाने कैसा तमाचा मारा

बाबा बाबा बाबा बाबा.. ×2

लगे हैं ज़ख़्म जितने सब दिखाऊंगी
जब आओगे तो मैं सब कुछ बताऊंगी ×2
बहुत मारा है, बहुत तड़पाया
मुझे लोगों ने समझ कर तन्हा

बाबा बाबा बाबा बाबा.. ×2



नदीम उस वक़्त खुद ज़िन्दान रोता था
सकीना जिस घड़ी पढ़ती थी ये नौहा ×2
मुझे लगता है कि अब घुट घुट कर
निकल जाएगा यहीं दम मेरा..
बाबा बाबा बाबा बाबा.. ×2
दरे ज़िन्दान पर कोई मासूमा
पर्दा करती है ये रोकर नौहा..