Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar

Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar

Noha Lyrics ka Maqsad aur Iska Asar Noha ek aisi adabi aur jazbaati riwayat hai jo Islam ki azadari ka aham hissa hai. Iska m...

Thursday, July 24, 2025

जवां की लाश पे ये बैन करती रह गई मादर तेरा सेहरा ना देखा

🤲 ANJUMAN-E-ZULFEQARE HAIDERI-MAHOLI

🕊️ जवां की लाश पे ये बैन करती रह गई मादर तेरा सेहरा ना देखा🕊️

मेरी आखों के तारे ऐ मेरे प्यारे अली अकबर तेरा सेहरा न देखा




दिल ए मदार में 18, बरस से ये तमन्ना थी

मैं अपने हाथों से एक दिन, तुझे दूल्हा बनाऊंगी

तेरी दुल्हन को मैं अपने कलेजे से लगाऊंगी

जो मन्नत मांगी है मैंने, वो मन्नत मैं बढ़ाऊंगी

मगर क्या थी ख़बर रोऊंगी मैं तेरे जनाज़े पर


तेरा सेहरा ना देखा

जवां की लाश पे ये बैन करती रह गई मादर

तेरा सेहरा ना देखा


बड़े अरमान थे दिल में, बहुत कुछ मैंने सोचा था

बलाएं लेके आंखों से, बनाऊंगी तेरा सेहरा

तेरी बारात जब घर से चलेगी ऐ मेरे बेटा

तो मैं अब्बास से कह दूंगी परचम का करे साया

मगर ना जाने किसने बद नज़र डाली तेरे ऊपर


तेरा सेहरा ना देखा

जवां की लाश पे ये बैन करती रह गई मादर

तेरा सेहरा ना देखा


मुझे परदेस में तक़दीर, ने ये दिन भी दिखलाया..

मैं जिंदा रह गई और मर, गया कड़ियल जवां बेटा

मेरी आंखों से ऐ अकबर दिखायी कुछ नहीं देता..

मैं देखूंगी तो कैसे देखूं तेरा चांद सा चेहरा..

अरे टूटा है ग़म का आसमां दुखियारी मादर पर


तेरा सेहरा ना देखा

जवां की लाश पे ये बैन करती रह गई मादर

तेरा सेहरा ना देखा


कलेजा फट गया मादर, का उस दम ऐ मेरे जानी

सुना जिस दम कि तुमको मरते दम भी न मिला पानी

बड़े बेरहम हैं करबोबला में जुल्म के बानी..

किसी ने हाय तस्वीरे, मोहम्मद भी न पहचानी.. चलाया ज़ालिमों ने हाय मेरे क़ल्ब पे खंजर


तेरा सेहरा ना देखा

जवां की लाश पे ये बैन करती रह गई मादर

तेरा सेहरा ना देखा


जवां फरज़ंद को माँ बाप, से खालिक न छुड़वाए

ये मंजिल वो है कि दुश्मन, की आंखों में भी अश्क़ आए..

किसी का नौजवां बेटा सिना सीने पे ना खाए

ज़यफी में जवां बेटे, की मय्यत बाप न लाए

हमें क़िस्मत ने दिखलाया क़यामत ख़ेज़ ये मंजर


तेरा सेहरा ना देखा

जवां की लाश पे ये बैन करती रह गई मादर

तेरा सेहरा ना देखा


पदर की बेकसी ऐ लाल, देखो तो ज़रा उठ कर

झुकाए सर बिलख कर रो रहे हैं सिब्ते पैगंबर 

सहारा कोन दे आकार नहीं अब मूनिसो यावर

चाचा अब्बास भी होते तो बाज़ू थामते आकार

तेरे बाबा बहुत रोते हैं ऐ बेटा यही कहकर


तेरा सेहरा ना देखा

जवां की लाश पे ये बैन करती रह गई मादर

तेरा सेहरा ना देखा


जवां की लाश से वाएज़, यही मदार का नोहा था
मुझे परदेस में लाकर, मेरी तकदीर ने लूटा
मेरे अरमान मिट्टी में मिले उजड़ी मेरी दुनिया
तेरी शादी की हसरत थी, मगर देखा तेरा लाशा
येग़म सहने से पहले मर गई होती तेरी मादर

तेरा सेहरा ना देखा
जवां की लाश पे ये बैन करती रह गई मादर
तेरा सेहरा ना देखा